जल जीवन हरियाली योजना online apply कैसे करें
बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई 'जल-जीवन हरियाली योजना' का मुख्य उद्देश्य राज्य में जल संरक्षण, वृक्षारोपण, और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत, किसानों को अपने खेतों में तालाब निर्माण के लिए 75,000 रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है।
योजना के उद्देश्य:
- जल संरक्षण: वर्षा जल के संचयन के माध्यम से भूजल स्तर में वृद्धि करना।
- वृक्षारोपण को बढ़ावा: पर्यावरण संतुलन के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाना।
- कृषकों की आय में वृद्धि: सिंचाई के लिए जल स्रोत उपलब्ध कराकर कृषि उत्पादन में वृद्धि करना।
- ऊर्जा की खपत में कमी: सिंचाई के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों का उपयोग करके बिजली की खपत को कम करना।
पात्रता:
- इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान व्यक्तिगत या समूह के रूप में आवेदन कर सकते हैं।
- एक एकड़ खेत को एक इकाई माना जाता है।
- कृषि विभाग के पास जल संचयन के विभिन्न मॉडल उपलब्ध हैं, जैसे तालाब, पईन, पौधारोपण, वर्षा जल संचयन आदि।
आवेदन प्रक्रिया:
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ऑनलाइन पंजीकरण:
- सबसे पहले, कृषि विभाग बिहार की आधिकारिक वेबसाइट https://dbtagriculture.bihar.gov.in/ पर जाएं।
- होमपेज पर 'जल-जीवन हरियाली' विकल्प पर क्लिक करें।
- यहां 'किसान का समूह' या 'स्वयं किसान' विकल्प चुनें।
- अपना 13 अंकों का किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें।
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आवेदन फॉर्म भरना:
- पंजीकरण संख्या दर्ज करने के बाद, आवेदन फॉर्म खुलेगा।
- फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें।
- अपना मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।
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दस्तावेज़ अपलोड:
- आवश्यक दस्तावेज़, जैसे भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, बैंक खाता विवरण आदि अपलोड करें।
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फॉर्म सबमिशन:
- सभी जानकारी भरने और दस्तावेज़ अपलोड करने के बाद, फॉर्म को सबमिट करें।
- सबमिशन के बाद, आवेदन की एक प्रति डाउनलोड या प्रिंट कर लें।
चयन प्रक्रिया:
- आवेदन की समीक्षा के बाद, पात्र किसानों का चयन किया जाएगा।
- चयनित किसानों को सब्सिडी की राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
महत्वपूर्ण बिंदु:
- एक किसान एक बार ही इस योजना का लाभ ले सकता है।
- आवेदन करते समय सभी जानकारी सही-सही भरें; गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द किया जा सकता है।
- योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए, https://www.jaljeevanhariyali.bih.nic.in/ वेबसाइट पर जाएं।
इस योजना के माध्यम से, बिहार सरकार न केवल जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा दे रही है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि करने का प्रयास कर रही है। किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपने खेतों में जल संचयन संरचनाओं का निर्माण करें, जिससे भविष्य में जल की कमी की समस्याओं से निपटा जा सके।

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